Breaking News
हरियाणा में नकली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, गुरुग्राम में एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई राज्यसभा में संजय भाटिया के सवाल पर केंद्र का जवाब: गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी, 28.5 किमी कॉरिडोर पर काम शुरू कारगिल के वीर सैनिकों का शौर्य देश को सदैव राष्ट्रसेवा और मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा: डा. अर्चना गुप्ता Gurugram 66 KV केबल अचानक टूटने के कारण हाइवे हुआ बाधित।  युवा नशे से नहीं, खेल और शिक्षा से जुड़ें, तभी बनेगा विकसित भारत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और चिकित्सा दल मौके पर , इच्छा के विरुद्ध वहां से हटाकर अस्पताल ले जाया गया

July 22, 2026 4:44 am

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में अब बच्चों को मिड डे मील में दी जाएगी प्रोटीन मिल्क बार

चंडीगढ़ 11 सितम्बर /हरियाणा के सरकारी स्कूलों में मिड डे मील के तहत अब बच्चों को चॉकलेट जैसी प्रोटीन मिल्क बार खाने को दी जाएगी। स्वाद के साथ-साथ पोषण भी भरपूर मिलेगा। जानें क्या है पूरी योजना।

मिड डे मील : सरकारी स्कूल के बच्चों में पोषण तत्वों की कमी पूरी करने के लिए अब मिड डे मील में एक और स्वादिष्ट चीज जोड़ी जा रही है। चॉकलेट जैसी प्रोटीन मिल्क बार बच्चों को सप्ताह में दो दिन दी जाएगी। बच्चे इसे बड़े ही चाव से साथ खाएंगे और पोषण भी भरपूर मिलेगा। यह योजना बाल वाटिका से लेकर आठवीं तक के बच्चों के लिए लाई जा रही है।

अभी तीन दिन दिया जाता है फ्लेवर्ड मिल्क

राजकीय विद्यालयों में बच्चों को पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने के लिए मिड डे मील योजना चल रही है। इसके तहत प्रतिदिन बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जाता है। इसके तहत बच्चों को सप्ताह में तीन दिन बच्चों को 200 मिलीलीटर फ्लेवर्ड मिल्क भी दिया जाता है। वहीं, अब मौलिक निदेशालय ने अब योजना के तहत बच्चों को प्रोटीन मिल्क बार भी देने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य बाल वाटिका से आठवीं के बच्चों में पोषण की स्थिति सुधारना है। पोषण स्थिति सुधारने में यह प्रोटीन मिल्क बार काफी सहायता करेगी। विभाग दूध को भी प्रतिदिन देने की योजना पर काम कर रहा है।

बच्चों को पसंद आएगा चॉकलेट का स्वाद

प्रोटीन मिल्क बार स्वादिष्ट होने के कारण बच्चे आसानी से खाएंगे। चूंकि बच्चे चॉकलेट बड़े शौक से खाते हैं। इसीलिए निदेशालय ने मिल्क बार देने का निर्णय लिया है। इसके बाद अब मिड डे मील के तहत विद्यालयों में बच्चों को फ्लेवर्ड दूध के साथ प्रोटीन मिल्क बार भी दिया जाएगा। योजना में बाल वाटिका तीन से आठवीं तक के विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। वहीं, बच्चों को पिन्नी देने की भी योजना है। भविष्य में इस पर भी अमल किया जाएगा।

करीब 15 लाख बच्चों को मिलेगा लाभ

योजना का लाभ 15 लाख से अधिक बच्चों को मिलेगा। इनमें सरकारी स्कूलों में चल रही बाल वाटिकाओं के 80862, प्राथमिक विद्यालयों के 828533 और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 638714 बच्चे शामिल हैं। कुछ माह पहले प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत हुई बैठक में 665.65 करोड़ रुपये का बजट भी स्वीकृत किया गया।

सप्ताह में दो दिन देंगे प्रोटीन मिल्क बार

जाखल के खंड शिक्षा अधिकारी सुभाष चंद्र भांभू ने बताया कि शिक्षा विभाग का प्रयास है कि विद्यार्थियों का पढ़ाई के साथ-साथ शारीरिक विकास भी अच्छे से हो। इसके तहत मिड डे मील में विद्यार्थियों को दोपहर के समय भोजन दिया जाता है। योजना के तहत विद्यालयों में मिड डे मील में प्रोटीन मिल्क बार दी जाएगी। इसके लिए निर्देश प्राप्त हुए हैं। यह सप्ताह में दो दिन दी जानी है। बच्चों को दूध स्कूलों में पहले से ही दिया जा रहा है।

इस तरह होता है मिड डे मील का मेन्यू

सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिड डे मील योजना के तहत हररोज अलग-अलग पौष्टिक भोजन दिया जाता है। बच्चों को मीठा दलिया, मिलैट परांठा व दही, सोया खिचड़ी, दाल चावल, सब्जी पुलाव व काले चने, रोटी व घीया चना दाल, नमकीन दलिया, मीठे मूंगफली चावल, रोटी व मूंग मसूर दाल, चना दाल खिचड़ी, गुड़ दही व रोटी आदि रेसिपी शामिल हैं। वहीं, स्कूलों में किचन गार्डन बनाकर वहां से ताजी सब्जियां भी ली जा रही हैं।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!