Breaking News
हरियाणा में नकली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, गुरुग्राम में एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई राज्यसभा में संजय भाटिया के सवाल पर केंद्र का जवाब: गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी, 28.5 किमी कॉरिडोर पर काम शुरू कारगिल के वीर सैनिकों का शौर्य देश को सदैव राष्ट्रसेवा और मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा: डा. अर्चना गुप्ता Gurugram 66 KV केबल अचानक टूटने के कारण हाइवे हुआ बाधित।  युवा नशे से नहीं, खेल और शिक्षा से जुड़ें, तभी बनेगा विकसित भारत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और चिकित्सा दल मौके पर , इच्छा के विरुद्ध वहां से हटाकर अस्पताल ले जाया गया

July 22, 2026 7:09 am

नेपाल की सत्ता कौन संभालेगा ,अमेरिका या चीन !

नेपाल वो देश जो भगवान बुद्ध की धरती है, आज वही नेपाल आग की लपटों में है। संसद जल चुकी है, प्रधानमंत्री ओली ने इस्तीफा दे दिया है और अब सबसे बड़ा सवाल ये है—नेपाल का भविष्य कौन लिखेगा? के.पी. शर्मा ओली के इस्तीफा के बाद जनता पूछ रही है? क्या वो देश छोड़ देंगे? क्योंकि संसद जली, उनका निवास जला और अब उनके पास विकल्प ही नहीं बचा। जब किसी देश की संसद जलती है और प्रधानमंत्री इस्तीफा देते हैं तो वहां सेना आ जाती है। नेपाल में भी यही हुआ,काठमांडू एयरपोर्ट सेना के कब्जे में है जिसको देखते हुए लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे है की क्या नेपाल अब लोकतंत्र से निकलकर सेना की चौकसी में जाएगा ?

प्रदर्शन के दौरान 20 से ज़्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इन मौतों ने इस आंदोलन को और खतरनाक बना दिया है। युवाओं के खून से ये आंदोलन और तेज हो रहा है। अब सवाल ये है—क्या एक मेयर प्रधानमंत्री बन सकता है? काठमांडू के मेयर बालेन शाह, 35 साल का नौजवान, एक इंजीनियर और रैपर। लोग उन्हें अगला प्रधानमंत्री मान रहे हैं लेकिन राजनीति भीड़ से नहीं, संसद से चलती है। क्या बालेन शाह उस भीड़ को वोट में बदल पाएंगे? नेपाल सरकार ने फेसबुक, यूट्यूब, इंस्टाग्राम और X पर बैन लगा दिया। आज की Gen-Z पीढ़ी की जिंदगी इन्हीं पर चलती है। यानी सरकार ने सीधे-सीधे युवाओं की आवाज़ दबाने की कोशिश की और यही सबसे बड़ी गलती साबित हुई। लेकिन असली वजह सोशल मीडिया बैन नहीं है, असली वजह है बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और महंगाई।

युवाओं के पास नौकरी नहीं है और नेताओं के पास समाधान नहीं है यानी सिस्टम पूरी तरह फेल है। नेपाल छोटा देश है लेकिन अमेरिका और चीन दोनों के लिए ये स्ट्रैटेजिक लोकेशन है। ओली चीन के करीब थे और अमेरिका चाहता है कि नेपाल लोकतंत्र का चेहरा बने। यानी जो नेपाल की संसद में हो रहा है उसकी गूंज वॉशिंगटन और बीजिंग तक जा रही है। संसद जल चुकी है, प्रधानमंत्री इस्तीफ़ा दे चुके हैं, सेना सड़कों पर है और अब विकल्प तीन हैं—युवा सत्ता संभालेंगे, सेना सत्ता संभालेगी या फिर नेपाल अमेरिका–चीन की शतरंज का मोहरा बनेगा। नेपाल का संकट सिर्फ़ नेपाल का संकट नहीं है, ये उस पूरी दुनिया के लिए सबक है जहाँ युवा बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार के खिलाफ उठ खड़े होते हैं। नेपाल का आग से गुजरना तय है लेकिन ये आग लोकतंत्र की लौ बनेगी या अराजकता की राख, ये फैसला आने वाला समय करेगा।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!