तावडू की बेटी आस्था बंसल बनीं एआरटीओए क्षेत्र में खुशी की लहरएविभिन्न सामाजिक संगठनों ने दी बधाई।
तावडू, 14 जुलाई (नरेश मैहंदीरत्ता): पिछडा कहे जाने वाला तावडू की होनहार बेटी आस्था बंसल ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की परीक्षा उत्तीर्ण कर सहायक क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के पद पर चयनित होकर अपने परिवार, शहर और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उल्लेखनीय सफलता की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया तथा विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने उन्हें और उनके परिवार को शुभकामनाएं दीं।
आस्था बंसल की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद अपने लक्ष्य से कभी समझौता नहीं किया और निरंतर मेहनत व लगन के बल पर यह मुकाम हासिल किया। करीब एक दशक पहले उनके पिता स्वर्गीय राजेश बंसल उर्फ राजू के निधन के बाद परिवार पर आए कठिन दौर के बावजूद आस्था ने हिम्मत नहीं हारी और अपनी मेहनत के दम पर सफलता का नया इतिहास रच दिया। उनकी उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि दृढ़ संकल्प, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
क्षेत्र के वरिष्ठ समाज सेवी एवं तावडू श्रीश्याम बिहारी मंदिर कमेटी के तथा परिवार के सदस्य मुसद्दीलाल बंसल ने बताया कि आस्था की इस उपलब्धि से पूरे परिवार में खुशी का माहौल है। उन्होंने कहा कि राजेश बंसल के निधन के बाद परिवार के लिए यह सबसे बड़ी खुशियों में से एक है और आस्था ने अपने पिता का सपना साकार करते हुए पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। इस अवसर पर लायंस क्लब के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल, जनसेवा समिति के रमेश शर्मा, गौसेवा समिति के अजीत रोहिल्ला, अग्रवाल सभा के नेमीचंद व अन्य प्रतिनिधियों, तावडू रेडीमेड एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र गर्ग, क्षेत्र के वरिष्ठ समाज सेवी डॉ विजय कुमार शर्मा, शेरसिंह वशिष्ट, नगर पालिका तावडू के वाइस चेयरमैन धर्मेंद्र भारद्वाज, नगर पार्षद राजेश शर्मा, पंजाबी सभा के प्रमोद आहूजा सहित अन्य गणमान्य लोगों ने आस्था बंसल को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। लायंस क्लब के अध्यक्ष आनंद अग्रवाल ने कहा कि पिता के निधन के बाद भी आस्था बंसल ने जिस दृढ़ता और मेहनत के साथ यह मुकाम हासिल किया है। वह तावडू ही नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की बेटियों के लिए प्रेरणा है। उनकी सफलता यह संदेश देती है कि कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी यदि लक्ष्य के प्रति समर्पण और मेहनत बनी रहे तो सफलता अवश्य मिलती है।

















