शिक्षा व्यक्तित्व को निखारती है, युवा देश का भविष्य और शक्ति का मुख्य केंद्र: अनिल विज

SHARE:

अनिल विज ने 49वें जोनल यूथ फेस्टिवल में की शिरकत, जीएमएन कॉलेज को 31 लाख रुपये देने की घोषणा

अंबाला छावनी, 21 अक्टूबर 2026। हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने कहा कि शिक्षा मनुष्य के व्यक्तित्व को निखारती है। युवाओं को अपने संस्कारों और संस्कृति से जुड़े रहते हुए आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ना चाहिए। युवा देश का भविष्य हैं और उनकी शक्ति का उपयोग सकारात्मक कार्यों में होना चाहिए, ताकि वे देश के नव निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें अनिल विज बुधवार को अंबाला छावनी स्थित जीएमएन कॉलेज में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूथ एंड कल्चरल अफेयर्स विभाग की ओर से आयोजित 49वें जोनल यूथ फेस्टिवल में बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कॉलेज की विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए अपने स्वैच्छिक कोष से 31 लाख रुपये देने की घोषणा की।

अभ्यास से निखरती है प्रतिभा और व्यक्तित्व: अनिल विज

ऊर्जा मंत्री ने जीएमएन कॉलेज प्रबंधन समिति के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यूथ फेस्टिवल विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने और उसे निखारने का बेहतर मंच प्रदान करता है। इस मंच पर विद्यार्थी गीत, नृत्य, कविता, नाटक और विभिन्न प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कला का प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति में कोई न कोई कला छिपी होती है। सफलता के लिए क्षमता के साथ अवसर मिलना भी जरूरी है। यूथ फेस्टिवल के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है। अब उन्हें अपने अभ्यास और मेहनत से अपनी क्षमता साबित करनी है अनिल विज ने कहा कि संसार में हर जगह प्रतिस्पर्धा है। इसमें आगे निकलने के लिए नियमित अभ्यास बेहद जरूरी है। बार-बार अभ्यास करने से न केवल कला निखरती है, बल्कि व्यक्ति का आत्मविश्वास और व्यक्तित्व भी विकसित होता है। किसी कलाकार की बेहतरीन मूर्ति के पीछे उसका अभ्यास और प्रतिभा होती है, जबकि एक अच्छी कविता के पीछे कवि की एकाग्रता और चिंतन का योगदान होता है। उन्होंने एकाग्रता को जीवन की अमूल्य पूंजी बताते हुए कहा कि एकाग्र होकर विचार करने से मुश्किल से मुश्किल रास्ते का समाधान निकाला जा सकता है।

जीत-हार से ज्यादा प्रतियोगिता में भाग लेना महत्वपूर्ण

अनिल विज ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि किसी भी प्रतियोगिता में जीतना या हारना सबसे महत्वपूर्ण नहीं होता, बल्कि उसमें हिस्सा लेना मायने रखता है। जीतने वाले को कभी अहंकार नहीं करना चाहिए और हारने वाले को कभी निराश होकर हार नहीं माननी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में मिली हार भी व्यक्ति को आगे बढ़ने की चुनौती देती है। निरंतर परिश्रम और अभ्यास के माध्यम से हार को जीत में बदला जा सकता है। विद्यार्थियों को हर अनुभव से सीख लेते हुए अपनी प्रतिभा और क्षमताओं को बेहतर बनाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य इंसान को बेहतर व्यक्तित्व प्रदान करना है। युवाओं को अपनी ऊर्जा सकारात्मक दिशा में लगानी चाहिए, जिससे समाज और देश को इसका लाभ मिल सके।

 

युवाओं की शक्ति देश का सबसे बड़ा पावर हाउस

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि हरियाणा की पहचान खेलों, सीमाओं पर तैनात जवानों के साहस और कृषि क्षेत्र में प्रदेश की उपलब्धियों से होती है। प्रदेश के युवाओं में अपार क्षमता है। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए पर्याप्त अवसर और उचित मंच उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि चाहे यूथ फेस्टिवल हो या क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन और अन्य खेलों के मैदान, हर क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी उनकी ऊर्जा और क्षमता को सामने लाती है। युवाओं की शक्ति इतनी प्रभावशाली है कि वे देश के सामने आने वाली बड़ी से बड़ी चुनौती का मुकाबला करने में सक्षम हैं।  उन्होंने जोर देकर कहा कि युवाओं की ऊर्जा का उपयोग रचनात्मक और सकारात्मक कार्यों में होना चाहिए, ताकि वे राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा सकें।

संस्कृति और संस्कारों से जुड़े रहकर आधुनिक तकनीक अपनाएं युवा

अनिल विज ने कहा कि आज का युग आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई और आधुनिक तकनीक का है। युवाओं को तकनीकी विकास के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ना चाहिए, लेकिन इस दौरान अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों को नहीं भूलना चाहिए। उन्होंने भारत की शिक्षा व्यवस्था और सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए लॉर्ड मैकाले की 1835 की शिक्षा नीति से जुड़े ऐतिहासिक संदर्भ दिए। उन्होंने कहा कि भारत की सांस्कृतिक पहचान को समझना और उसे आगे बढ़ाना जरूरी है। भाषा का ज्ञान हासिल करना गलत नहीं है, बल्कि विभिन्न भाषाओं और संस्कृतियों को जानना व्यक्ति के ज्ञान का विस्तार करता है।  उन्होंने चीन, इजराइल, लंदन, रूस और फ्रांस जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि युवाओं को आधुनिकता अपनाने के साथ अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए। अनिल विज ने विद्यार्थियों को अपने माता-पिता और गुरुजनों का सम्मान करने की सीख भी दी। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने एसडी कॉलेज से शिक्षा प्राप्त की है और आज भी जब उन्हें अपने स्कूल या कॉलेज के शिक्षक मिलते हैं, तो वे उनके चरण स्पर्श करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे संस्कार उन्हें अपने परिवार से मिले हैं और युवाओं को भी अपने बड़ों के प्रति सम्मान की भावना बनाए रखनी चाहिए।

हरियाणा में कॉलेजों की संख्या 105 से बढ़कर 185 हुई: विज

ऊर्जा मंत्री ने जीएमएन कॉलेज और एसडी कॉलेज की सराहना करते हुए कहा कि दोनों संस्थान शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कॉलेज प्रबंधन समिति द्वारा संचालित गतिविधियों की प्रशंसा की।  उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 से पहले प्रदेश में 105 कॉलेज थे, जबकि भाजपा सरकार के कार्यकाल में इनकी संख्या बढ़ाकर 185 कर दी गई है। जरूरतमंद विद्यार्थियों को फीस में रियायत भी दी गई है। प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम कर रही है, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।उन्होंने कहा कि शिक्षा युवाओं को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके व्यक्तित्व और भविष्य को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है।

2047 तक विकसित भारत बनाने में युवाओं की अहम भूमिका

अनिल विज ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि इस लक्ष्य को पूरा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए समाज के हर वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी और युवाओं को इसमें विशेष योगदान देना होगा।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि युवावस्था जीवन का वह दौर है, जब व्यक्ति समाज और देश के लिए कुछ नया करने का संकल्प लेकर आगे बढ़ सकता है। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए बताया कि युवावस्था में उन्होंने कल्याण भारती संस्था से जुड़कर समाजसेवा के कार्य शुरू किए थे। उन्होंने युवाओं को भी सामाजिक कार्यों में भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।

कॉलेज प्रबंधन ने किया मुख्य अतिथि का स्वागत

कार्यक्रम में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के यूथ एंड कल्चरल अफेयर्स विभाग के निदेशक डॉ. विवेक चावला ने मुख्य अतिथि अनिल विज और अन्य अतिथियों का स्वागत किया। जीएमएन कॉलेज प्रबंधन समिति के प्रधान डॉ. गुरदेव सिंह और कॉलेज के प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त ने भी मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि का स्वागत करते हुए कॉलेज की गतिविधियों और अन्य कार्यों की जानकारी दी।इस अवसर पर कॉलेज प्रबंधन समिति के पदाधिकारियों ने अनिल विज को शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में यूथ एंड कल्चरल अफेयर्स विभाग के निदेशक डॉ. विवेक चावला, जीएमएन कॉलेज प्रबंधन समिति के डॉ. गुरदेव सिंह, जसवंत जैन, जनरल सेक्रेटरी अजय अग्रवाल, सेक्रेटरी डी.एस. माथुर, कोषाध्यक्ष आलोक गुप्ता, सदस्य संजीव वालिया और दलीप मित्तल, प्राचार्य डॉ. रोहित दत्त, एसडी कॉलेज से डॉ. राजेंद्र राणा, प्रो. भारती और डॉ. नवीन गुलाटी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।इसके अलावा भाजपा पदाधिकारी विकास बहगल, परवेश शर्मा और दीपक भसीन के साथ विभिन्न कॉलेजों के प्राचार्य, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और अन्य प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे।

HM News India
Author: HM News India

सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें

राज्य