कालागढ़ में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ हुआ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन, रामगंगा नदी पहुंचे श्रद्धालु
नगर परिक्रमा के बाद रामगंगा नदी में किया गया प्रतिमा विसर्जन, पवन सिंघल के आयोजन में शामिल हुए योगिता जोशी, पंडित डॉ. डी.पी. हरिवंशी और महंत त्यागी जी सहित अन्य लोग
देहरादून, कालागढ़, पौड़ी गढ़वाल। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के कालागढ़ नगर में दुर्गा पूजा के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ किया गया। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश की सीमा पर स्थित कालागढ़ में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। नगर परिक्रमा के बाद मां दुर्गा की प्रतिमा को रामगंगा नदी तक ले जाया गया, जहां धार्मिक परंपराओं के अनुसार प्रतिमा का विसर्जन किया गया।इस आयोजन का संचालन कालागढ़ के प्रसिद्ध व्यापारी पवन सिंघल द्वारा किया गया। कार्यक्रम में पंडित डॉ. डी.पी. हरिवंशी, श्री मनोरथ प्रसाद हरिवंश स्मृति ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती योगिता जोशी, प्रियांशी सिंघल, दीपांशु सिंघल और महंत त्यागी जी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
नगर परिक्रमा के बाद रामगंगा नदी में हुआ विसर्जन
दुर्गा पूजा के समापन पर मां दुर्गा की प्रतिमा के साथ नगर परिक्रमा की गई। इसके बाद प्रतिमा को रामगंगा नदी के तट पर ले जाया गया। यहां श्रद्धा और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ विसर्जन की प्रक्रिया संपन्न हुई। इस दौरान मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था देखने को मिली। प्रतिमा विसर्जन धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पूजा-अर्चना के बाद प्रतिमा को विसर्जित कर श्रद्धालु मां दुर्गा से सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। कालागढ़ में भी नगर परिक्रमा से लेकर रामगंगा नदी में विसर्जन तक धार्मिक माहौल बना रहा।
धार्मिक आयोजन में गणमान्य लोगों की रही सहभागिता
कार्यक्रम में पंडित डॉ. डी.पी. हरिवंशी और श्री मनोरथ प्रसाद हरिवंश स्मृति ट्रस्ट की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती योगिता जोशी सहित अन्य लोगों की उपस्थिति रही। प्रियांशी सिंघल, दीपांशु सिंघल और महंत त्यागी जी भी आयोजन में शामिल हुए। नगर के प्रसिद्ध व्यापारी पवन सिंघल की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में धार्मिक परंपराओं के निर्वहन के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। नगर परिक्रमा और रामगंगा नदी पर विसर्जन के साथ दुर्गा पूजा का समापन हुआ। कालागढ़ में आयोजित इस कार्यक्रम ने धार्मिक आस्था और परंपराओं के महत्व को सामने रखा। श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करते हुए पूजा उत्सव को संपन्न किया।







