गुरुग्राम 26 सितम्बर / देश में कथित वोट चोरी को लेकर सियासी घमासान तेज है। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहा है और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर भी गंभीर आरोप लगा रहा है। इसी बीच पद्मश्री से सम्मानित मशहूर हास्य कवि सुरेंद्र शर्मा ने चुनाव व्यवस्था, भाषा विवाद और नेताओं की राजनीति पर बेबाक राय रखी। उन्होंने कहा कि देश में सब ठीक हो जाएगा, लेकिन इसके लिए चुनाव आयोग में टीएन शेषन जैसी सख्ती और निष्पक्षता की जरूरत है।देश को टीएन शेषन जैसा चुनाव आयुक्त चाहिए।

वही देश में हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं को लेकर जारी बहस पर भी हास्य कवि ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिस तरह हिंदी दिवस मनाया जाता है, उसी तरह सभी भाषाओं के दिवस मनाए जाने चाहिए। उनके मुताबिक, इससे भाषाओं को लेकर आपसी सम्मान बढ़ेगा और विवाद अपने आप कम हो सकते हैं।वही नेताओं पर कटाक्ष करते हुए सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि अगर जनता अच्छे व्यक्तियों को वोट देना शुरू कर दे, तो राजनीतिक पार्टियां भी अच्छे उम्मीदवारों को टिकट देने लगेंगी। उन्होंने कहा कि जनता के मतदान का असर राजनीति की दिशा पर पड़ता है और अच्छे प्रतिनिधियों के चयन से देश के विकास को गति मिल सकती है।
सुरेंद्र शर्मा की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है, जब चुनाव आयोग की निष्पक्षता और चुनावी प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस जारी है। उनके बयान में चुनाव व्यवस्था से लेकर भाषा और लोकतंत्र में मतदाता की भूमिका तक कई अहम मुद्दे शामिल रहे। गुरुग्राम में निजी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने इन सवालों पर अपने चिर-परिचित हास्य और बेबाक अंदाज में जवाब दिए।








