मध्य प्रदेश 24 सितंबर / मध्य प्रदेश में 27 प्रतिशत OBC आरक्षण का मुद्दा एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में है। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर 27 प्रतिशत OBC आरक्षण लागू करने और 13 प्रतिशत होल्ड पदों पर चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने की मांग की है। राहुल गांधी के मुताबिक, इन पदों पर चयनित युवा 2022 से नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।राहुल गांधी ने अपने पत्र में इंदौर में हुए ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस दौरान छात्रों ने शिक्षा, रोजगार और भविष्य से जुड़े मुद्दे उठाए थे। इनमें OBC आरक्षण के तहत रुकी नियुक्तियों का मामला प्रमुखता से सामने आया। राहुल गांधी ने मुख्यमंत्री से युवाओं की मांग पर जल्द फैसला लेने की अपील की है।
मामले में 87:13 व्यवस्था भी चर्चा में है। रिपोर्टों के मुताबिक, 27 प्रतिशत OBC आरक्षण से जुड़े विवाद के बीच 13 प्रतिशत पदों को अलग रखकर नियुक्तियां रोकी गई हैं। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के 2022 के एक आदेश में 27 प्रतिशत OBC आरक्षण से जुड़ी बढ़ोतरी पर अंतरिम रोक का उल्लेख है। 2023 के एक अन्य आदेश में 13 प्रतिशत पदों की दो अलग सूचियों और अंतिम न्यायिक निर्णय के आधार पर नियुक्तियों की स्थिति का जिक्र किया गया था।
राहुल गांधी के पत्र के बाद बीजेपी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई। मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि OBC आरक्षण से जुड़ा विवाद पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार 27 प्रतिशत OBC आरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है।
इस पूरे विवाद में अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के साथ उन अभ्यर्थियों की नियुक्तियों का मुद्दा भी प्रमुख हो गया है, जो लंबे समय से परिणाम और चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियुक्ति का इंतजार कर रहे हैं।








