अमेरिका-ईरान तनाव: फिर भड़की जंग की आग, मध्य पूर्व में बढ़ा बड़ा खतरा
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। कई हफ्तों की अपेक्षाकृत शांति के बाद दोनों देशों के बीच नए सैन्य हमलों ने पूरे क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ा दी है। अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिसके जवाब में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और उसके सहयोगी देशों की दिशा में मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
अमेरिकी सेना के अनुसार, उसके हमलों में ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम, रडार, समुद्री सैन्य संसाधन और अन्य सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाया गया। दूसरी तरफ ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन, बहरीन, कुवैत और इराक में अमेरिकी हितों से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।

इस संघर्ष में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा हो गई है। ईरानी अधिकारियों ने आरोप लगाया कि दक्षिणी ईरान में एक शादी समारोह वाली जगह अमेरिकी हमले की चपेट में आई, जिसमें नागरिक हताहत हुए। संयुक्त राष्ट्र समेत कई अंतरराष्ट्रीय पक्षों ने नागरिकों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं पर चिंता जताई है।
तनाव का असर सिर्फ युद्ध क्षेत्र तक सीमित नहीं है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में शामिल स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने की आशंका से वैश्विक तेल बाजार भी दबाव में है। तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है, जिसका असर भारत समेत दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं पर पड़ सकता है








