Breaking News
हरियाणा में नकली दवाओं के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, गुरुग्राम में एक के बाद एक बड़ी कार्रवाई राज्यसभा में संजय भाटिया के सवाल पर केंद्र का जवाब: गुरुग्राम मेट्रो विस्तार परियोजना को मंजूरी, 28.5 किमी कॉरिडोर पर काम शुरू कारगिल के वीर सैनिकों का शौर्य देश को सदैव राष्ट्रसेवा और मातृभूमि की रक्षा के लिए प्रेरित करता रहेगा: डा. अर्चना गुप्ता Gurugram 66 KV केबल अचानक टूटने के कारण हाइवे हुआ बाधित।  युवा नशे से नहीं, खेल और शिक्षा से जुड़ें, तभी बनेगा विकसित भारत : मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी और चिकित्सा दल मौके पर , इच्छा के विरुद्ध वहां से हटाकर अस्पताल ले जाया गया

July 22, 2026 3:43 am

22 जुलाई को ‘राष्ट्रीय ध्वज दिवस के रूप में मनाया जाए -शील मधुर

पूर्व पुलिस महानिदेशक शील मधुर की प्रधानमंत्री से मांग

22 जुलाई को ‘राष्ट्रीय ध्वज दिवस’ घोषित कर राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाए

गुरुग्राम, 8 जुलाई। हरियाणा के पूर्व पुलिस महानिदेशक एवं सादर इंडिया मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष  शील मधुर ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि 22 जुलाई को विधिवत रूप से ‘राष्ट्रीय ध्वज दिवस’ घोषित किया जाए तथा इसे देशभर में राष्ट्रीय पर्व के रूप में उत्साह, सम्मान और जनभागीदारी के साथ मनाया जाए।

गुरुग्राम में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए  मधुर ने कहा कि भारत का राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा केवल एक ध्वज नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, एकता, अखंडता, स्वाभिमान और लोकतांत्रिक चेतना का सर्वोच्च प्रतीक है। यह भारत की विविधता में एकता की उस भावना का प्रतिनिधित्व करता है, जो देश के प्रत्येक नागरिक को एक सूत्र में बांधती है।

उन्होंने कहा कि 22 जुलाई 1947 भारतीय इतिहास का अत्यंत गौरवपूर्ण और स्मरणीय दिन है। इसी दिन संविधान सभा ने स्वतंत्र भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में वर्तमान स्वरूप वाले तिरंगे को स्वीकार किया था। इसलिए इस ऐतिहासिक दिवस को ‘राष्ट्रीय ध्वज दिवस’ के रूप में घोषित करना राष्ट्र की स्मृतियों, संवैधानिक मूल्यों और स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीदों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी ।

शील मधुर ने बताया कि वर्ष 2021 से अब तक प्रधानमंत्री तथा राष्ट्रपति को इस संबंध में कई बार ज्ञापन भेजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि आज पुनः प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया जा रहा है, इस विश्वास के साथ कि तिरंगे के सम्मान से जुड़ी यह जनभावना शीघ्र ही राष्ट्रीय निर्णय का रूप लेगी।

उन्होंने कहा कि यह किसी व्यक्ति अथवा संस्था का अभियान मात्र नहीं है, बल्कि देश के गौरव, राष्ट्रीय अस्मिता और नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति के संस्कारों को सुदृढ़ करने का प्रयास है। तिरंगा भारत की संघर्ष-गाथा, बलिदान, लोकतांत्रिक मर्यादा और उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक है। ऐसे में उसके सम्मान में एक राष्ट्रीय दिवस का निर्धारण देशवासियों की भावनाओं को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।

मधुर ने देशवासियों से भावपूर्ण आह्वान किया कि आगामी 22 जुलाई को सभी नागरिक पूरे उत्साह, गरिमा और राष्ट्रीय भावना के साथ ‘राष्ट्रीय ध्वज दिवस’ मनाएं। उन्होंने कहा कि इस दिन प्रत्येक देशवासी तिरंगे के सम्मान में उसे सलामी दे तथा अपनी-अपनी सुविधा, सामर्थ्य और स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप कार्यक्रमों का आयोजन करे। विद्यालयों, महाविद्यालयों, सामाजिक संस्थाओं, आवासीय समितियों, व्यापारिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों को भी तिरंगे के गौरव, उसके इतिहास तथा राष्ट्रीय एकता पर आधारित आयोजन करने चाहिए।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज दिवस केवल उत्सव का अवसर नहीं होगा, बल्कि यह भारत की एकता, अखंडता, संवैधानिक प्रतिबद्धता और राष्ट्रीय चरित्र को पुनर्स्मरण करने का भी दिवस बनेगा। यह दिन नई पीढ़ी को यह समझाने का अवसर देगा कि तिरंगे का सम्मान केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारे दायित्व, अनुशासन और समर्पण की अभिव्यक्ति है।

उन्होंने कहा, “आइए, तिरंगे के सम्मान में हम अपनी एकता, अखंडता और राष्ट्रीय एकजुटता का परिचय दें तथा भावी पीढ़ियों को यह संदेश दें कि राष्ट्रध्वज का सम्मान, राष्ट्र के सम्मान का ही सर्वोच्च रूप है।

Leave a Comment

और पढ़ें

Cricket Live Score

Corona Virus

Rashifal

और पढ़ें

error: Content is protected !!