Patna / बिहार के सियासी मैदान में जमकर होगा सुर संग्राम।

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17 October 2025 / बिहार की सियासत में इस बार सिर्फ नारों और भाषणों की गूंज नहीं, बल्कि सुर और ताल की भी नई झंकार सुनाई दे रही है। क्योंकि मैदान में उतरे हैं दो स्टार  मैथिली ठाकुर और खेसारी लाल यादव।सबसे पहले बीजेपी ने बड़ा दांव खेला  मैथिली ठाकुर को पार्टी में शामिल किया, और तुरंत बाद उन्हें दरभंगा जिले की अलीनगर सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया। अब, अलीनगर मैथिली के लिए बिल्कुल नया इलाका है, और यही वजह है कि कुछ स्थानीय नेता और कार्यकर्ता उन्हें बाहरी या पैराशूट कैंडिडेट बता रहे हैं। लेकिन मैथिली की पहचान सिर्फ लोक गायिका तक सीमित नहीं है वो आज मिथिलांचल की संस्कृति का चेहरा बन चुकी हैं। सोशल मीडिया पर उनके करोड़ों फॉलोअर्स हैं, और उनकी आवाज़ बिहार की सीमाओं से बहुत दूर तक जाती है।

दूसरी तरफ, आरजेडी ने भी अपनी पिच तैयार कर ली है भोजपुरी सुपरस्टार खेसारी लाल यादव को मैदान में उतारकर। खेसारी छपरा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। मतलब एक तरफ मिथिलांचल का स्वर, दूसरी तरफ भोजपुरिया जोश! दोनों अलग-अलग इलाकों से हैं, लेकिन एक समानता है दोनों राजनीति के नए खिलाड़ी हैं, लेकिन जनता के दिलों में पुराने फेवरेट।

जब ये दोनों मंच पर आएंगे, तो बिहार की रैलियां सिर्फ राजनीतिक नहीं रहेंगी  मनोरंजन से भरपूर होंगी।
मैथिली जब लोकगीतों में अपनी मधुर आवाज बिखेरेंगी और खेसारी जब अपने भोजपुरी जोश से मंच को थर्राएंगे, तो भीड़ झूम उठेगी।कहा जा रहा है कि दोनों दल अपने स्टार चेहरों को सिर्फ अपने विधानसभा क्षेत्र में नहीं, बल्कि राज्यभर की सभाओं में प्रचार के लिए भेजेंगे।तीसरा मोर्चा भी दिलचस्प है।
प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने भी इस रेस में अपना स्टार जोड़ा भोजपुरी गायक रितेश पांडे को करगहर सीट से टिकट दिया है।

यानी अब बिहार की राजनीति में तीन सुर हैं  मैथिली, भोजपुरी और जन सुराज का नया साउंड।छठ गीत से चुनावी गीत तक,मैथिली ठाकुर के “सीताराम विवाह” जैसे गीत हों या खेसारी लाल यादव का “छपरा छठ मनाएंगे” दोनों कलाकारों ने अपने-अपने लोकगीतों से पहचान बनाई है। अब वही लोकल सुर राजनीति के ग्लोबल मंच पर गूंजने वाले हैं।

कहानी का सार यही है
अबकी बार बिहार का चुनाव सिर्फ सत्ता की लड़ाई नहीं,
ये एक सुरीला संग्राम है।
जहाँ एक तरफ होंगी बीजेपी की सुरकन्या मैथिली ठाकुर,
और दूसरी ओर आरजेडी का शूरवीर खेसारी लाल यादव।

और तीसरी तरफ है जन सुराज के रितेश पांडेय।

अब देखना ये है कि जनता को कौन-सा “राग” ज्यादा भाता है
भोजपुरीया जोश या मिथिलांचल की मिठास!

और वैसे तो भारतीय जनता पार्टी ने तमाम भोजपुरिया कलाकार को अपनी पार्टी में पहले ही शामिल कर लिया है इसलिए इस बार मंच पर केवल राजनितिक बयार ही नहीं बल्कि सुर संग्राम भी देखने को मिलेगा।

HM News India
Author: HM News India

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