नई दिल्ली | 9 अक्टूबर दिल्ली में 10 अक्टूबर को प्रस्तावित कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठनों के प्रदर्शन से पहले सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने 8 से 12 अक्टूबर के बीच दिल्ली पुलिस की सहायता के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 221 कंपनियां, करीब 23,000 कर्मियों के साथ, उपलब्ध कराई हैं।

प्रदर्शन से एक दिन पहले रेलवे ने भी यातायात को लेकर अहम कदम उठाया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की 9 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर पहुंचने वाली मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों को रद्द करने का आदेश दिया गया है। आदेश के मुताबिक, शुक्रवार दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना होकर शनिवार सुबह निर्धारित समय में इन स्टेशनों पर पहुंचने वाली संबंधित ट्रेनें अपने शुरुआती स्टेशन से ही रद्द रहेंगी। रेलवे ने इसके पीछे दोनों स्टेशनों के आसपास संभावित भारी सड़क यातायात का हवाला दिया है। रेलवे और पुलिस की ओर से आवाजाही पर निगरानी रखी जा रही है। प्रदर्शन में शामिल होने के लिए दूसरे राज्यों से दिल्ली आने वाले समूहों पर भी नजर रखी जा रही है। हालांकि, सभी राज्यों से आने वाली ट्रेनों को रद्द करने की बात सही नहीं है; उपलब्ध रिपोर्ट में निर्धारित समय के दौरान नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली संबंधित मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों का उल्लेख है।
शराब की दुकानें 9 और 10 अक्टूबर को बंद
दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने 9 और 10 अक्टूबर को शराब की खुदरा दुकानों को बंद रखने का आदेश दिया है। यह फैसला पुलिस से मिले इनपुट और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है। हालांकि, वैध आबकारी लाइसेंस वाले होटल, क्लब, बार और रेस्तरां में शराब परोसने की अनुमति जारी रहने की जानकारी दी गई है।
मेट्रो के करीब 40 स्टेशनों पर पाबंदियों की तैयारी
प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली मेट्रो के संवेदनशील क्षेत्रों में करीब 40 स्टेशनों पर पाबंदियां लगाने या उन्हें अस्थायी रूप से बंद करने पर विचार किए जाने की रिपोर्ट है। अभी इसे सभी स्टेशनों को बंद करने का अंतिम आदेश नहीं माना जाना चाहिए। यात्रियों को दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन की आधिकारिक सूचना देखकर ही यात्रा की योजना बनानी चाहिए

जंतर-मंतर पर सुरक्षा कड़ी, पुलिस ने नहीं दी प्रदर्शन की अनुमति
दिल्ली पुलिस ने CJP और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के प्रस्तावित प्रदर्शन को अनुमति नहीं दी है। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत लागू निषेधात्मक आदेशों का हवाला दिया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर निगरानी, होटल और गेस्ट हाउस की जांच तथा भीड़ जुटने की आशंका वाले इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात करने की तैयारी की गई है
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों के लिए विभिन्न जिलों में करीब 10 अस्थायी हिरासत केंद्र तैयार किए जा रहे हैं। पुलिस ने प्रदर्शन कवर करने वाले पत्रकारों से भी संवेदनशील स्थानों और बैरिकेडिंग पर अपना वैध प्रेस पहचान पत्र साथ रखने और स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने को कहा है।

CJP मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन का आह्वान कर रही है। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों और छात्र संगठनों की भागीदारी की भी संभावना जताई गई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि उसकी प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी अप्रिय घटना को रोकना है। दर्शन से पहले सुरक्षा बलों की तैनाती, रेल यातायात में बदलाव, शराब की दुकानों को बंद रखने और मेट्रो स्टेशनों पर संभावित पाबंदियों के कारण राजधानी में सामान्य आवाजाही प्रभावित हो सकती है। हालांकि, इन प्रशासनिक कदमों को केंद्र सरकार के घबराने का प्रमाण बताने के लिए कोई पुष्ट आधार उपलब्ध नहीं है। यात्रियों के लिए जरूरी सूचना: 10 अक्टूबर को नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पहुंचने वाले यात्रियों को अपनी ट्रेन का स्टेटस रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या NTES ऐप पर जरूर जांचना चाहिए। मेट्रो यात्रियों को DMRC के ताजा अपडेट देखने चाहिए।








