दिल्ली 1 अक्टूबर / फ्लाई दुबई की फ्लाइट FZ 1073 में हुई घटना ने विमान के कॉकपिट में मौजूद एक ऐसे उपकरण को चर्चा में ला दिया है, जिसके बारे में आमतौर पर यात्रियों को जानकारी नहीं होती। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक इंटरव्यू में दावा किया कि दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया था।इस घटना के सामने आने के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर विमान के कॉकपिट में कुल्हाड़ी क्यों रखी जाती है? क्या पायलटों को सुरक्षा के लिए यह उपकरण दिया जाता है या इसके पीछे कोई तकनीकी वजह है? और अगर यह आपातकालीन उपकरण है, तो हमले के दौरान इसकी भूमिका क्या रही?

दरअसल, विमानों में इस्तेमाल होने वाली इस विशेष कुल्हाड़ी को एविएशन की भाषा में ‘क्रैश एक्स’ कहा जाता है। इसे किसी पर हमला करने के लिए नहीं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए रखा जाता है।कल्पना कीजिए कि उड़ान के दौरान विमान के किसी हिस्से में आग लग जाए और आग का स्रोत किसी पैनल या दीवार के पीछे हो। ऐसी स्थिति में क्रू को आग तक पहुंचने के लिए बाधा हटाना पड़ सकती है। क्रैश एक्स इसी तरह के मुश्किल हालात में मददगार साबित हो सकती है।इसके अलावा विमान के भीतर किसी रास्ते को खोलने या आपात स्थिति में अवरोध हटाने के लिए भी इस उपकरण का इस्तेमाल किया जा सकता है। यानी इसका मूल उद्देश्य विमान के यात्रियों और क्रू की सुरक्षा से जुड़ा है।
नेतन्याहू के मुताबिक, फ्लाइट के कॉकपिट में को-पायलट ने भारतीय कैप्टन स्मित पर हमला किया। हमले में घायल होने के बावजूद कैप्टन ने हिम्मत नहीं छोड़ी और कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे।इसके बाद यात्रियों और क्रू सदस्यों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू किया। नेतन्याहू ने कैप्टन के साहस की सराहना करते हुए कहा कि उनकी भूमिका 174 लोगों की जान बचाने में अहम रही।हालांकि, इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू अभी स्पष्ट होना बाकी है। कुल्हाड़ी से हमले की बात नेतन्याहू के इंटरव्यू में सामने आई है, लेकिन फ्लाई दुबई ने घटना के कारणों और उससे जुड़ी परिस्थितियों को जांच के अधीन बताया है।
ऐसे में जांच पूरी होने से पहले हमले में इस्तेमाल किए गए उपकरण और घटनाक्रम को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।फिलहाल इस घटना ने विमानन सुरक्षा से जुड़े कई सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस क्रैश एक्स को विमान में आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए रखा जाता है, उसी के कथित इस्तेमाल ने फ्लाइट FZ1073 की घटना को और गंभीर बना दिया है। अब जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि कॉकपिट में वास्तव में क्या हुआ और हमले में इस उपकरण की क्या भूमिका थी।








