नाजुक दौर से गुजर रही देश की राजनीतिक परिस्थितियां – दुष्यंत चौटाला

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चंडीगढ़, 28 सितंबर। हरियाणा के पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा है कि वर्तमान समय में देश की राजनीतिक परिस्थितियां नाजुक दौर से गुजर रही हैं और लोकतंत्र को कमजोर किया जा रहा है। वे मंगलवार को रानियां हलके के विभिन्न गांवों के जनसंपर्क अभियान के दौरान ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। दुष्यंत चौटाला ने चुनाव आयोग को बीजेपी की कठपुतली बताया और कहा कि जिसने पहले ही राउंड में 34 लाख वोट यानी तेरह प्रतिशत वोट काट दिए। अब दो चुनाव आयुक्तों ने यह सिद्ध कर दिया है। आज देश में हालात ये बन रहे हैं कि जेनजी को सडक़ों पर उतरने को मजबूर किया जा रहा है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आम आदमी देश की सरकार के खिलाफ बोलने से डरता था, लेकिन आज परिस्थितियां विपरीत है, लोग सरकार की नीतियों की खुलकर कर आलोचना कर रहे हैं। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने कहा कि आज पंचायती राज को भी कमजोर किया जा है। शासन ने मनरेगा का नाम तो बदल दिया लेकिन गांव स्तर पर होने वाले छोटे-छोटे काम भी नहीं हो रहे। दुष्यंत ने मुख्यमंत्री नायब सैनी पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश नेतृत्व को आज हरियाणा की चिंता नहीं, बल्कि पंजाब की अधिक चिंता है और वे हर वक्त पंजाब में ही भाजपा का प्रचार करते नजर आते हैं। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि बतौर डिप्टी सीएम रहते हुए उन्होंने किसानों को उनकी फसल की कीमत सीधे उनके खाते में पहुंचाने की व्यवस्था की थी मगर आज किसान को समय पर उनकी फसल का भुगतान नहीं हो रहा जिससे उनकी आर्थिक शक्ति कमजोर होती जा रही है।

दुष्यंत चौटाला ने कहा कि युवाओं के लिए उन्होंने हरियाणा में रोजगार में 75 प्रतिशत आरक्षण का रास्ता साफ किया जोकि आज भी कोर्ट में विचाराधीन है। दुष्यंत ने कहा कि आज सबको संगठित होकर जागरूकता को आमजन के बीच में ले जाना होगा और प्रदेश को आगे लाना होगा। पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि आज जेजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंहचौटाला की अगुवाई में पूरे प्रदेश में आमजन की लड़ाई मजबूती से लड़ेंगे।

पूर्व डिप्टी सीएम ने कहा कि उन्होंने गांव गांव में डिजिटल लाइब्रेरी की शुरुआत की थी, लेकिन नाम बदलने में माहिर बीजेपी ने इन्हें अटल लाइब्रेरी का नाम दे दिया। दुष्यंत चौटाला ने कहा कि नाम बदलने से इतिहास नहीं बदलता। प्रदेश की वर्तमान स्थिति यह है कि आज स्कूलों में अध्यापक नहीं हैं

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Author: hmnews india

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