गुरुग्राम में 50 मीटर तक पहुंचा भूजल स्तर! 7 में से 6 जगह गिरा पानी, क्या शहर पर मंडरा रहा है जल संकट?
गुरुग्राम 29 सितम्बर । गुरुग्राम देश के तेजी से विकसित हो रहे शहरों में शामिल गुरुग्राम में भूजल स्तर को लेकर चिंता बढ़ गई है। शहर के कई इलाकों में जमीन के नीचे पानी का स्तर काफी नीचे पहुंच गया है। हालिया निगरानी आंकड़ों के मुताबिक, कुछ स्थानों पर भूजल की गहराई 50 मीटर तक दर्ज की गई है। सात निगरानी केंद्रों में से छह पर भूजल स्तर में गिरावट सामने आई है।गुरुग्राम में तेजी से बढ़ती आबादी, लगातार हो रहा निर्माण और पानी की बढ़ती मांग भूजल संसाधनों पर दबाव बढ़ा रहे हैं। घरों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य गतिविधियों में बोरवेल के जरिए पानी निकालने से जमीन के नीचे मौजूद जल भंडार प्रभावित हो रहे हैं।

भूजल स्तर में गिरावट का असर केवल पानी की उपलब्धता तक सीमित नहीं है। आने वाले समय में इसका प्रभाव घरेलू जलापूर्ति, निर्माण गतिविधियों और शहर के समग्र विकास पर भी पड़ सकता है।गुरुग्राम में भूजल दोहन और जल प्रबंधन को लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने भी चिंता जताई है। 22 सितंबर को दिए गए आदेश में अदालत ने भूजल के लगातार दोहन और मानसून के दौरान जलभराव की समस्या पर ध्यान दिलाते हुए संबंधित अधिकारियों से सुधारात्मक उपायों पर सुझाव मांगे। मामले में अगली सुनवाई 1 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

विशेषज्ञों और प्रशासन के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती भूजल के दोहन को नियंत्रित करने के साथ-साथ वर्षा जल को जमीन में वापस पहुंचाने की है। इसके लिए रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल संचयन और प्राकृतिक जल स्रोतों के संरक्षण जैसे उपाय महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।गुरुग्राम में भूजल स्तर की गिरावट एक चेतावनी है कि तेजी से बढ़ते शहरी विकास के साथ जल संरक्षण को भी प्राथमिकता देनी होगी। यदि पानी के इस्तेमाल और पुनर्भरण के बीच संतुलन नहीं बनाया गया, तो भविष्य में शहर के सामने पेयजल उपलब्धता की चुनौती और गंभीर हो सकती है।








