टाटा संस में फिर बोर्डरूम टकराव, चंद्रशेखरन को 5 साल का एक्सटेंशन; नोएल टाटा ने किया विरोध
मुंबई 18 सितंबर / टाटा समूह की प्रमुख होल्डिंग कंपनी टाटा संस में चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के कार्यकाल को लेकर एक बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। टाटा संस के बोर्ड ने चंद्रशेखरन को फरवरी 2027 में मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद पांच साल के नए कार्यकाल के लिए फिर नियुक्त करने का फैसला किया है। हालांकि टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस प्रस्ताव का विरोध किया है।
खास बात यह है कि कुछ महीने पहले चंद्रशेखरन ने खुद संकेत दिया था कि वह फरवरी 2027 में अपना कार्यकाल पूरा होने के बाद पद छोड़ देंगे। लेकिन अब बोर्ड के अनुरोध पर उन्होंने दोबारा कार्यकाल स्वीकार करने पर सहमति जताई है। बोर्ड ने बहुमत से उन्हें पांच साल के लिए फिर कार्यकारी चेयरमैन बनाने का प्रस्ताव पारित किया।
टाटा संस में यह फैसला इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि टाटा ट्रस्ट्स के पास कंपनी की करीब 66 फीसदी हिस्सेदारी है। बोर्ड के फैसले को आगे शेयरधारकों की मंजूरी की जरूरत होगी। ऐसे में चेयरमैन पद को लेकर बोर्ड और टाटा ट्रस्ट्स के बीच मतभेद आगे भी जारी रह सकते हैं।
इसी के साथ टाटा संस की शेयर बाजार में लिस्टिंग का मुद्दा भी फिर सामने आ गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने टाटा संस के उस अनुरोध को स्वीकार नहीं किया था जिसमें कंपनी ने अपनी नियामकीय स्थिति बदलने की मांग की थी। इसके बाद टाटा संस बोर्ड ने आवश्यक नियमों का पालन करते हुए लिस्टिंग की दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया है।








