जम्मू-कश्मीर फिल्म फेस्टिवल में वंदे मातरम पर विवाद, कांग्रेस-BJP आमने-सामने
दिल्ली 9 सितम्बर / जम्मू-कश्मीर में आयोजित पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल का उद्घाटन समारोह राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम’ को लेकर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। समारोह में ‘वंदे मातरम’ के सभी छह छंदों का गायन किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, नेशनल कॉन्फ्रेंस प्रमुख फारूक अब्दुल्ला और अन्य नेता सम्मान में करीब तीन मिनट तक सावधान की मुद्रा में खड़े नजर आए।कार्यक्रम का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने संपूर्ण वंदे मातरम के गायन पर सवाल उठाया। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि सहयोगी दलों को स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान तय की गई परंपरा और उस समय अपनाए गए स्वरूप का सम्मान करना चाहिए।केसी वेणुगोपाल ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का वह स्वरूप, जिसे स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्वीकार किया गया था, देश की बहुलतावादी और सामंजस्यपूर्ण भावना के अधिक अनुरूप है।
कांग्रेस का कहना है कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान जिन दो छंदों वाले संस्करण को अपनाया गया था, सार्वजनिक कार्यक्रमों में उसी का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। पार्टी ने अपने सहयोगी दलों से भी इसी परंपरा का पालन करने की अपील की।कांग्रेस की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद भाजपा ने भी पलटवार किया। भाजपा सांसद और राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कांग्रेस के रुख पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता पूरे वंदे मातरम के दौरान सम्मान की मुद्रा में खड़े रहे, वहीं कांग्रेस इस पर आपत्ति जता रही है।

भाजपा ने इस मुद्दे को कांग्रेस की राष्ट्रगीत और राष्ट्रवाद को लेकर राजनीतिक सोच से जोड़ते हुए उस पर निशाना साधा।
सुधांशु त्रिवेदी ने दावा किया कि कांग्रेस के कई गठबंधन सहयोगी संपूर्ण वंदे मातरम के गायन में शामिल हो रहे हैं, जबकि कांग्रेस की ओर से आपत्ति दर्ज कराई जा रही है। उन्होंने कांग्रेस के मौजूदा राजनीतिक रुख पर सवाल उठाते हुए पार्टी पर तंज भी कसा।भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का कथित ‘सेकुलरिज्म’ अब वोट बैंक की राजनीति तक सीमित हो गया है। उन्होंने कांग्रेस को लेकर बेहद तीखी टिप्पणी करते हुए उसे ‘21वीं सदी की मुस्लिम लीग’ तक करार दिया।
वंदे मातरम को लेकर यह विवाद ऐसे समय सामने आया है, जब जम्मू-कश्मीर की राजनीति में नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस गठबंधन के सहयोगी हैं। फिल्म फेस्टिवल के मंच पर उमर अब्दुल्ला और फारूक अब्दुल्ला समेत प्रमुख नेताओं के पूरे राष्ट्रगीत के दौरान खड़े रहने के बाद कांग्रेस की आपत्ति ने गठबंधन के भीतर भी राजनीतिक चर्चा को हवा दे दी है।फिलहाल, विवाद दो अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोणों के बीच दिखाई दे रहा है। कांग्रेस स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान स्वीकार किए गए वंदे मातरम के स्वरूप और बहुलवादी भावना पर जोर दे रही है, जबकि भाजपा कांग्रेस की आपत्ति को राष्ट्रगीत और राष्ट्रवाद के मुद्दे पर उसके राजनीतिक रुख से जोड़कर निशाना बना रही है।








